किसान बिल पर उत्तराखंड में भी सियासी घमासान.

रिर्पोटर- प्रवेश राणा
दोनों सदनों में किसान बिल भारी शोर शराबे के बाद पास हो गया,अब इस बिल पर सियासी घमासान मच गया है अब उत्तराखंड में भी इस बिल का विरोध विपक्ष कर रहा है आम आदमी पार्टी से लेकर कांग्रेस भी इस बिल को किसानो के खिलाफ बता रही है तो सत्ताधारी भाजपा इसको किसानो के हित में बता रहा है और कांग्रेस के दोहरे रवैये पर सवाल खड़े कर रहा है।

राज्य सभा में कृषक , कृषि व कृषि सेवा सम्बन्धी बिलों के पारित होने पर भाजपा ने हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे मोदी सरकार की एक और ऐतिहासिक उपलब्धि बताया व प्रधानमंत्री जी व कृषि मंत्री जी को बधाई दी, आज राज्य सभा में कृषि व कृषक हित में तीन बिल पारित होने पर भाजपा ने कहा कि अब देश का किसानों कई बंधनों से मुक्त हुआ है। साथ ही उसे बिचौलियों के मकड़ जाल से भी मुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि अब किसान अपनी इच्छा से उपज बेच सकेगा,साथ ही इन बिलों पर कांग्रेस के विरोध की आलोचना करते हुए कहा कि इससे साफ़ है कि कांग्रेस किसान विरोधी है।भाजपा ने कहा कि कांग्रेस ने इन बिलों को अपने घोषणा पत्र में शामिल किया था। अब जब ये बिल मोदी सरकार ले कर आई तो कांग्रेस इनके विरोध में खड़ी हो गई। यह कांग्रेस का दोहरा चेहरा है ।

संसद में किसान विरोधी बिल पास करने पर आम आदमी पार्टी उत्तराखंड रविंद्र सिंह आनंद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि किसानों की बर्बादी और अनदेखी का प्लान है कृषि बिल। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इन किसान विरोधी विधेयकों पर जल्द से जल्द संशोधन किया जाए या कोई निर्णय लिया जाय ताकि किसान खुद के आस्तित्व को सुरक्षित महसूस कर सके

वही कांग्रेस ने भी जमकर इस बिल विरोध किया कांग्रेस के पूर्व मुख़्यमंत्री हरीश रावत ने इसे किसान विरोधी,गरीब विरोधो,बिल बताया और कहा कि कांग्रेस इसका लगातार विरोध जारी रखेगी ये बिल किसानो की कमाई पर पूंजीपतियों का कब्जा हो जाएगा जो न्यनतम समर्थन मूल्य प्रणाली को समाप्त कर देगा और इस काले कानून का पहले ही दिन से कांग्रेस ने विरोध किया है और आगे भी किसानो के खिलाफ इस षडयंत्र का लगातार विरोध जारी रहेगा

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