किसकी मिलीभगत से होती है उत्तराखंड से भारी मात्रा में वन्यजीवों के अंगों की तस्करी

रिर्पोट- राहुल सिंह दरम्वाल-
वन विभाग और उत्तराखंड पुलिस लगातार वन्यजीवों की तस्करी कर रहे लोगों को लगातार खुलासे कर वन्यजीव तस्करी में लिप्त लोगों को गिरफ्तार करती है समय-समय पर पुलिस और वन विभाग की सतर्कता के कारण कई लोगों की गिरफ्तारी और वन्यजीव अंगों की तस्करी को रोका जाता है वही खटीमा पुलिस को वन्यजीवों की तस्करी करते हुए दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीव पैंगोलिन के 9 किलो कवच के साथ 4 लोगों को गिरफ्तार किया है पकड़े गए तस्करों से जानकारी मिली है कि उत्तराखंड के रास्ते नेपाल और नेपाल से चीन में  होती हैं इन वन्यजीवों की तस्करी चीन में इनकी वन्य जीव के अंगों की कीमत अत्यधिक होने के चलते उत्तराखंड से नेपाल नेपाल से चीन तक वन्यजीवों की तस्करी का काला कारोबार किया जाता है
पेंगुलिन संरक्षित प्रजाति का वन्यजीव है इसका कवच काफी गुणकारी माना जाता है तथा शक्ति वर्धक दवाइयों में इसका प्रयोग भी किया जाता है। जिसकी वजह से चाइना के मार्केट में यह काफी महंगा बिकता है।
पकड़े गए चारों आरोपियों में से एक रामपुर उत्तर प्रदेश दूसरा पीलीभीत उत्तर प्रदेश तीसरा आरोपी नानकमत्ता उधम सिंह नगर और चौथा प्रतापपुर नानकमत्ता का रहने वाला है  जिनके खिलाफ पुलिस ने पकड़े गए चारों वन्यजीव तस्करों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मुकदमा दर्ज कर चारों को जेल भेज दिया है।
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