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उत्तराखंड

आपदा से प्रभावित हुए सभी वयवस्था को सुचारू करने हेतु युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। जल्द ही सभी व्यवस्था बहाल की जाएगी

Newsupdatebharat Uttarakhand Dharchula Report News Desk
धारचूला –  मुख्यमंत्री ने तहसील धारचूला मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के कार्यों को तेजी से करने के निर्देश दिए।
बैठक से पहले  मुख्यमंत्री एवं सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों आदि द्वारा सभी दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
धारचूला के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने  जिला मुख्यालय पंहुचकर नैनीसैनी एयरपोर्ट के विश्राम गृह में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा से हुए नुकसान की विभागवार समीक्षा करी।
बैठक में उन्होंने कहा कि राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए रिस्टोरेशन कार्य कराए जाय। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न समेत आवश्यक सामग्री की आपूर्ति नियमित रूप से की जाय। जनपद में सड़क, संचार, विद्युत तथा पेयजल समेत सभी मूलभूत सुविधाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त करते हुए स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाय, ताकि जनता को किसी भी प्रकार की समस्या न हो।
      वहीं मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बंद सड़कों को खोले जाने का कार्य युद्ध स्तर पर हो इसके लिए अतिरिक्त मशीनरी को लगाया जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में आगामी 7 नवम्बर तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए  यथाशीघ्र कार्य शुरू किया जाय। साथ ही उन्होंने सभी सड़क मार्गों में झाड़ी कटान और नाली निर्माण का भी कार्य कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कृषि, औद्यानिकी को भी जितनी क्षति हुई है, उसका भी तुरंत आंकलन किया जाय।
      जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने जनपद में विगत दिनों तेज बारिश से हुए नुकसान और प्रशासन द्वारा किए गए राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी दी।  विगत दिनों हुई भारी वर्षा से जिले में कुल 105 सड़कें बंद हो गई थी। जिसमें से 66 सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया है। और जल्द ही सभी सड़कों को भी यातायात हेतु खोल दिया जाएगा। जिले में उच्च हिमालयी क्षेत्र में फंसे लगभग 120 पर्यटकों को हैलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके अतिरिक्त 108 क्षतिग्रस्त पेयजल लाईनों में से 87 लाईनों को अस्थाई रूप से सुचारू कर दिया गया है। भारी वर्षा से जिले के कुल 580 गाँवों में विद्युत व्यवस्था बाधित हो गई थी जिसमें से 559 गाँवों में विद्युत व्यवस्था सुचारू कर दी गई है। बाकी जल्द से बहाल हो जाएगी।
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