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उत्तराखंड

उत्तराखंड के नैनीताल से 1987 मे स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व विधायक श्री वर्मा तथा कांडपाल पावन माटी को लेकर लखनऊ हुए थे रवाना

रिर्पोट- राहुल सिंह दरम्वाल /////

स्वाधीनता की 75 वीं वर्षगांठ के मौके पर मनाए जा रहे अमृत महोत्सव में 34 वर्ष पुरानी पावन माटी के कलश की याद भी ताजा कर दी है स्वाधीनता की 40 वीं वर्षगांठ नैनीताल जिले में शानदार ढंग से मनाई गई थी तब जिले से पावन माटी को लेकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय श्री श्याम लाल वर्मा जी के साथ हल्द्वानी जजफार्म निवासी युवा नेता विशंभर कांडपाल लखनऊ रवाना हुए थे इन दिनों देश भर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के दांडी मार्च की याद में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है इस महोत्सव ने नैनीताल जिले में स्वाधीनता की 40 वीं वर्षगांठ पर हुए कार्यक्रम की याद भी ताजा की है तब जिले से इस माटी को लेकर लखनऊ गए विशंभर कांडपाल बताते हैं  ।

कि सन 1987 में भी देशभर में स्वाधीनता की 40 वीं वर्षगांठ उत्साह के साथ मनाई गई थी गौरतलब है कि इस पावन माटी को लखनऊ ले जाने के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी श्री आरके शर्मा ने युवाओं का साक्षात्कार लिया था इसके लिए सैकड़ों युवाओं ने पंजीकरण भी कराया था साक्षात्कार के दौरान सीआर एसटी इंटर कॉलेज के छात्र विशंभर कांडपाल का चयन किया गया इसी क्रम में 5 अगस्त 1987 को पावन माटी एकत्र करने का अनुष्ठान किया गया तल्लीताल के फांसी गधेरा व गुफा महादेव से पावन माटी को लेकर कलश में रखा गया इन दोनों जगहों पर अंग्रेज स्वतंत्रता सेनानियों को लटकाते थे 7 अगस्त को हल्द्वानी के पीपुल्स कॉलेज जो अब मेडिकल कॉलेज है से स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व विधायक श्री वर्मा तथा कांडपाल पावन माटी को लेकर लखनऊ रवाना हुए इस दौरान कलश को एनसीसी की टुकड़ी ने सलामी भी दी इस दल में नायब तहसीलदार तथा पुलिस उप निरीक्षक भी शामिल थे बाद में लखनऊ में समारोह आयोजित करने के बाद पावन माटी को स्मारक बनाने के लिए दिल्ली ले जाया गया इधर कांडपाल ने बताया कि 40 वी वर्षगांठ के मौके पर नैनीताल धावक संघ की ओर से मैराथन दौड़ का भी आयोजन किया गया ।

 

इस दौड़ के आयोजन में संघ के अध्यक्ष श्री इंद्र लाल शाह का विशेष योगदान रहा यह दौड़ उन स्थानों से होते हुए गई जहां भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत अपना क्रांतिकारी भाषण दिया करते थे इस दौड़ में मल्लीताल पुलिस का वह स्थान भी शामिल था जहां सेनानी किशोर लालशाह पर पुलिस ने लाठियां चलाई व सीने पर बंदूक रखी गई थी कांडपाल ने कहा कि देश की आजादी मैं अहम योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानी व क्रांतिकारियों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता श्री कांडपाल ने स्वाधीनता की 75 वीं वर्षगांठ को अमृत महोत्सव के रूप में मनाने को स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान बताते हुए सरकार का आभार भी जताया ।

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