आरटीआई से बड़ा खुलासा पढ़ें पूरी खबर और जाने कहां किए जा रहे हैं करोड़ों खर्च 

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रिपोर्ट – संजय सिंह कडाकोटी /

राज्य की आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निजी स्टाफ पर करोडों रुपया खर्च हो रहा है यह जानकारी आरटीआई से मिली है, आरटीआई कार्यकर्ता रविशंकर जोशी द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी गई तो उसमें पता चला की मुख्यमंत्री के निजी स्टाफ में 28 लोगों पर हर साल वेतन के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के निजी स्टाफ पर 60 हजार से लेकर 2 लाख रुपए तक वेतन दिया जा रहा है और इसमें सालाना करोड़ों रुपए खर्च हो रहा है, मुख्यमंत्री के निजी स्टाफ में 6 ओएसडी, 5 जनसंपर्क अधिकारी, एक  प्रोटोकॉल अधिकारी, एक मीडिया कोऑर्डिनेटर, दो उप समन्वय  सोशल मीडिया, 7 निजी सहायक, एक कंप्यूटर सहायक और दो अनुसेवक के तौर पर काम कर रहे हैं ।
 आरटीआई एक्टिविस्ट रवि शंकर जोशी का कहना है कि यह व्यक्तिगत स्टॉफ राज्य के संसाधनों को लुटाने के लिए रखा गया है जबकि हमारा राज्य खुद कर्ज के बोझ तले दबा है, साथ ही आरटीआई से यह भी जानकारी मिली है कि शहरी मंत्री मदन कौशिक के जनसंपर्क अधिकारी के तौर पर सुमित भार्गव की नियुक्ति की गई है जबकि जनसंपर्क अधिकारी के आवास के आवंटन के दौरान दिनेश बहुगुणा को जनसंपर्क अधिकारी के तौर पर आवास आवंटित किया गया है।
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